मिलवटों के जहर

 http://csbnewblog.blogspot.co

Comments

  1. मिलावटों के जहर

    मिलावटखोरों की कौम इन्सानी कौम पर एक काला धब्बा है , गन्दे और कुत्सित व्यापार के नाम पर मौत बांटने वाले यह लोग सीधे फांसी पर चढ़ाए जाने चाहिए । हमारे शासन के पास मिलावटी वस्तुओं की जांच करने के लिए कोई वैज्ञानिक सम्मत विश्वसनीय लैबोरेट्रीयां नहीं है और जांच में भी सालों साल लग जाते हैं और मिलावटखोर कानून के पंजे से बच जाते हैं । मिलावटखोरों ने भी हद कर दी है , बच्चों के द्वारा खाई जाने वाली आलू की चिप्स में भी एसिड की मिलावट । लालच और पैसे की भूख ने इन मिलावटखोरों को हैवान बना दिया है । अब किससे कहें क्या कहें ।
    मुरैना जैसे शहर में नकली दुध बनाया जाता है वहां नकली मिलावटी पनीर , नकली मीलावटी मावा धड़ल्ले से आदमी बन रहा है । दिखावे के लिए पुलिस एक दो छापे लगा देती है परंतु फिर वही ढाक के तीन पात । क्यों इस महामारी का पक्का इलाज नहीं किया जाता । यह अमानुषिकता की पराकाष्ठा है । ऐसे लोगों को सरेआम , सरेराह शहर के चौराहे पर आम जनता के द्वारा सजा दी जानी चाहिए । पता नहीं कितने नौनिहाल कितने पुरुष , कितनी महिलाएं, इस मिलावट खोरी के कारण असमय मौत के मुंह में समा गए । आखिर इसका अंत कब होगा चंद रुपयों के लालच में भ्रष्टाचार के तन्त्र में लिप्त बिक जाने वाले चन्द शासकीय सेवक भी इस जघन्य अपराध में बराबरी के गुनहगार हैं , ये भी तत्काल सजा के लायक हैं ।
    कोई मुकदमा नहीं , कोई जिरह नहीं , कोई गवाह पुरावे नहीं , जब मिलावटी सामान मिलावट करने की वस्तुएं है इनके गोडाउन में पाई जाती है तो यह साफ जाहिर होता है कि यह मिलावट का खतरनाक खेल खेल रहे हैं , जो समाज के लिए सबसे ज्यादा हानिकारक है अतः तत्काल चार्ज शीट बनाकर पन्द्रह दिनों में मुकदमे का फैसला करके इन्हें फांसी की सजा दी जानी चाहिए । ईश्वर भी क्या करेगा जब इनका जमीर ही मर गया है । इनका जमीर , इनका अंतर्मन मन श्मशान हो चुका है । हे ईश्वर ऐसे मिलावटखोरों को , शासन के भ्रष्ट अधिकारियों को ,कानून के रखवालों , या इनकी पैरवी करने वाले वकीलों को , कभी माफ मत करना , इन्हे जीते जी रोरव नर्क की अग्नि में धीरे धीरे स्वाहा करना ।
    किस खाद्य वस्तु में मिलावट नहीं की जाती
    मसालों में मिलावट , जीवन रक्षक दवाओं में मिलावट , मेहन्दी , सोन्दर्य प्रसाधनों में मिलावट , दुध , दुध से बने पदार्थों में मिलावट , देशीविदेशी शराब में मिलावट , वो कोनसी वस्तु है जो मिलावट रहित बची हो ।
    इस मिलावट के दौर में इन्सानों की बस्ती में रहने वाले इन्सान भी मिलावटी , दोगले चरित्र वाले , कपटी , झूठे और स्वार्थी हो गयें हैं ।
    हे ईश्वर तू अगर हैं तो इन्सानियत का समूल विनाश होने से बचा लेना ।
    चन्द्रशेखर बिरथरे ' पथिक'

    ReplyDelete
  2. मिलावटों के जहर

    मिलावटखोरों की कौम इन्सानी कौम पर एक काला धब्बा है , गन्दे और कुत्सित व्यापार के नाम पर मौत बांटने वाले यह लोग सीधे फांसी पर चढ़ाए जाने चाहिए । हमारे शासन के पास मिलावटी वस्तुओं की जांच करने के लिए कोई वैज्ञानिक सम्मत विश्वसनीय लैबोरेट्रीयां नहीं है और जांच में भी सालों साल लग जाते हैं और मिलावटखोर कानून के पंजे से बच जाते हैं । मिलावटखोरों ने भी हद कर दी है , बच्चों के द्वारा खाई जाने वाली आलू की चिप्स में भी एसिड की मिलावट । लालच और पैसे की भूख ने इन मिलावटखोरों को हैवान बना दिया है । अब किससे कहें क्या कहें ।
    मुरैना जैसे शहर में नकली दुध बनाया जाता है वहां नकली मिलावटी पनीर , नकली मीलावटी मावा धड़ल्ले से आदमी बन रहा है । दिखावे के लिए पुलिस एक दो छापे लगा देती है परंतु फिर वही ढाक के तीन पात । क्यों इस महामारी का पक्का इलाज नहीं किया जाता । यह अमानुषिकता की पराकाष्ठा है । ऐसे लोगों को सरेआम , सरेराह शहर के चौराहे पर आम जनता के द्वारा सजा दी जानी चाहिए । पता नहीं कितने नौनिहाल कितने पुरुष , कितनी महिलाएं, इस मिलावट खोरी के कारण असमय मौत के मुंह में समा गए । आखिर इसका अंत कब होगा चंद रुपयों के लालच में भ्रष्टाचार के तन्त्र में लिप्त बिक जाने वाले चन्द शासकीय सेवक भी इस जघन्य अपराध में बराबरी के गुनहगार हैं , ये भी तत्काल सजा के लायक हैं ।
    कोई मुकदमा नहीं , कोई जिरह नहीं , कोई गवाह पुरावे नहीं , जब मिलावटी सामान मिलावट करने की वस्तुएं है इनके गोडाउन में पाई जाती है तो यह साफ जाहिर होता है कि यह मिलावट का खतरनाक खेल खेल रहे हैं , जो समाज के लिए सबसे ज्यादा हानिकारक है अतः तत्काल चार्ज शीट बनाकर पन्द्रह दिनों में मुकदमे का फैसला करके इन्हें फांसी की सजा दी जानी चाहिए । ईश्वर भी क्या करेगा जब इनका जमीर ही मर गया है । इनका जमीर , इनका अंतर्मन मन श्मशान हो चुका है । हे ईश्वर ऐसे मिलावटखोरों को , शासन के भ्रष्ट अधिकारियों को ,कानून के रखवालों , या इनकी पैरवी करने वाले वकीलों को , कभी माफ मत करना , इन्हे जीते जी रोरव नर्क की अग्नि में धीरे धीरे स्वाहा करना ।
    किस खाद्य वस्तु में मिलावट नहीं की जाती
    मसालों में मिलावट , जीवन रक्षक दवाओं में मिलावट , मेहन्दी , सोन्दर्य प्रसाधनों में मिलावट , दुध , दुध से बने पदार्थों में मिलावट , देशीविदेशी शराब में मिलावट , वो कोनसी वस्तु है जो मिलावट रहित बची हो ।
    इस मिलावट के दौर में इन्सानों की बस्ती में रहने वाले इन्सान भी मिलावटी , दोगले चरित्र वाले , कपटी , झूठे और स्वार्थी हो गयें हैं ।
    हे ईश्वर तू अगर हैं तो इन्सानियत का समूल विनाश होने से बचा लेना ।
    चन्द्रशेखर बिरथरे ' पथिक'

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

प्रवासी मजदूर

Samiksha