आज जब मैं प्रतीक स्वरूप गोवर्धन पर्वत की पूजा कर रहा था तो मन मैं  विचार आया कि वेदों के बाद  भगवान श्री कृष्ण दुनिया के सबसे पहले पर्यावरणविद थे जिन्होंने पर्वतों और जंगलों ,  नदियों की अति महत्वपूर्ण जीवन दायिनी शक्ति के रूप को   प्राणी मात्र को समझाने की कोशिश की । जय हो गोवर्धन गिरिधारी की  चन्द्रशेखर बिरथरे

Comments

Popular posts from this blog

प्रवासी मजदूर

Samiksha