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Showing posts from July, 2018

Happy and simple

 राजेश खन्ना द्वारा अभिनीत बावर्ची फिल्म एक डायलॉग था it is very simple to become so happy but it is very difficult to become so simple  (यह आंग्ल भाषा की एक लोकोक्ती भी है ) , का अगर हिंदी में अर्थ करें तो अर्थ होता है कि खुश होना एक सीधी-साधी बात है परंतु सरल होना एक बहुत कठिन बात है अब हमें यह तय करना है कि हम खुश होने में ही खुश हैं या सरल होकर खुश हो सकते हैं हालांकि यह बहुत ही कठिन है क्योंकि हमारा अहंकार यानी मैं यानी जो भी आपका विश्व में नाम है और जो भी आपने पढ़ा लिखा समझा सोचा और जीवन में प्राप्त किया है उससे निश्चय ही अहंकार का भाव आपके अंदर पैदा हो जाता है और अहंकार से मुक्त होना बहुत ही कठिन है इसलिए साधारणतया व्यक्ति सरल नहीं हो पाता है जबकि जो भी आपने इस विश्व में आपके प्रयासों से आपके प्रयत्नों से प्राप्त किया है वह निश्चय ही अस्थाई एवं परिवर्तनशील है इसलिए सरल होना बहुत कठिन है । सरलता सहजता को आज के परिवेश में व्यक्ति की बेवकूफी से भी जोड़ा जाता है व्यक्ति की नादानी और व्यवहारिक समझ के कम होने से भी जोड़ा जाता है ।परंतु जब आप सहज हो जाते हैं तो स्वाभाविक हो ज...

मेरी कविता

         हारना जीत की प्रत्याशा है । हर निराशा में एक आशा है । ख्वाहिशों के कई हिमालां हैं , आदमी क्या है एक कासा है । मेरा माजी ही मेरी दोलत है , वर्तमान आज भी धुआं सा है । चंद्रशेखर बिरथरे मैं इक खाके जर्रा हूं चाहूं तो माहताब हो जाउँ । खुदी को करुं गर बुलंद तो आफताब हो जाऊँ ।